संजलि हत्याकांड: लाइटर पर आकर अटक गई पुलिस की जांच, अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं
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| संजलि हत्याकांड - फोटो |
आगरा के थाना मलपुरा क्षेत्र के गांव लालऊ निवासी छात्रा संजलि को जिंदा जला दिए जाने की घटना की जांच उस लाइटर पर आकर अटक गई है, जिससे उसे जलाया गया। यह खास किस्म का लाइटर है।
पुलिस की दो टीमें लाइटर की लाइन पर काम कर रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि एक आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम ने शुक्रवार को लालऊ में उन घरों में जाकर पड़ताल की जो रसोई गैस का इस्तेमाल करते हैं। खुदकुशी करने वाले योगेश का घर भी इनमें शामिल है।
सभी जगह देखा गया कि लाइटर किस किस्म का इस्तेमाल किया जा रहा है? रसोई गैस वितरकों को भी लाइटर का फोटो दिखाया गया। कहीं यह लाइटर ऑनलाइन न मंगाया गया हो? इस पर पुलिस ने ऑनलाइन सामान बेचने वाली कंपनियों से भी बात की। पता चला कि ऑनलाइन खरीद नहीं की गई है। इस लाइटर की एक खूबी यह है कि इसमें एक बटन ऐसा ही जिसे दबाने से इसकी आग बुझती नहीं है। यह गैस से जलने वाला लाइटर है।
लाइटर के बारे में आपके पास कोई जानकारी है
अगर आपके पास इस या इस तरह के लाइटर के बारे में जानकारी है, मसलन ये कहां बिकते हैं? तो आप पुलिस को मोबाइल नंबर 9454402749 या 9554401232 पर दे सकते हैं। पुलिस ने इसकी अपील की है।
संजलि कक्षा 10 की छात्रा थी। वो गांव से नौ किमी दूर नौमील गांव स्थित अशरफी देवी छिद्दा सिंह इंटर कॉलेज में पढ़ती थी। 18 दिसंबर की दोपहर छुट्टी के बाद साइकिल से घर लौट रही थी। तभी बाइक सवार दो युवकों ने पेट्रोल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया।
संजलि को गंभीर अवस्था में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। यहां से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया गया। जहां 20 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरा आगरा को झकझोर कर रख दिया है।
संजलि कक्षा 10 की छात्रा थी। वो गांव से नौ किमी दूर नौमील गांव स्थित अशरफी देवी छिद्दा सिंह इंटर कॉलेज में पढ़ती थी। 18 दिसंबर की दोपहर छुट्टी के बाद साइकिल से घर लौट रही थी। तभी बाइक सवार दो युवकों ने पेट्रोल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया।
संजलि को गंभीर अवस्था में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। यहां से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया गया। जहां 20 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरा आगरा को झकझोर कर रख दिया है।

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